देहरादून: साइबर ठगों ने मोबाइल टावर लगाने के नाम पर एक व्यक्ति से लगभग 60 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। यह ठगी फर्जी एचएफसीएल (HFCL) कंपनी का अधिकारी बनकर की गई।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा
पीड़ित को दिसंबर 2019 में एक अखबार के विज्ञापन से जानकारी मिली कि सरकार की ओर से मोबाइल टावर लगाने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, जिसके बाद उन्हें एक ई-मेल आईडी (hfcl.gov@gmail.com) से स्वीकृति पत्र और अनुबंध पत्र भेजा गया।
इसके बाद, कंपनी के कथित प्रतिनिधियों ने पीड़ित को अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करने के लिए कहा। शुरुआत में यह रकम कानूनी औपचारिकताओं और पर्यावरणीय स्वीकृति जैसी प्रक्रियाओं के नाम पर ली गई।
फर्जीवाड़े में शामिल फर्जी अधिकारी
इस ठगी में कई लोगों के नाम सामने आए, जिनमें पुनीत सहाय, लाल चंद, प्रमोद श्रीवास्तव, विनोद कुमार, शिवप्रकाश, वीरेंद्र कुमार, अनिता करवाल, आकृति सिंह, सुभाशीष रॉय, सोरन सिंह और केएल मान शामिल हैं।
कथित तौर पर, ठगों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए सरकार के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र, अनुबंध पत्र और ई-मेल भेजे। यहां तक कि कोरोना महामारी के दौरान कंपनी ने पीड़ित को मास्क, दस्ताने और एक शरीर ताप मापने की मशीन भी भेजी, ताकि ठगी वास्तविक लगे।
बैंक अकाउंट और फर्जी ट्रांजैक्शन का खेल
ठगों ने पीड़ित को बार-बार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करने को कहा। ठगी की रकम नोएडा और चंडीगढ़ के एटीएम से निकाली गई, जबकि बैंक खाते एक अनपढ़ बुजुर्ग व्यक्ति के नाम पर थे।
जब पीड़ित को शक हुआ, तो उन्होंने बैंक मैनेजर से संपर्क किया, जिससे उन्हें पता चला कि यह एक बड़ा ऑनलाइन धोखाधड़ी गिरोह है।
पुलिस जांच में जुटी
पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस, देहरादून में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।