देहरादून, 25 मार्च 2025 – देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के कार्यकर्ताओं द्वारा जबरन घुसकर हंगामा करने, स्टाफ के साथ बदसलूकी करने और दबाव बनाकर पैसे वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि इस घटना में 40-50 लोग शामिल थे, जिन्होंने जबरन प्रतिष्ठान में घुसकर कर्मचारियों से अभद्रता की और गंभीर धमकियां दीं।
कैसे हुआ विवाद?
घटना 20 मार्च 2025 की सुबह करीब 12 बजे पिरामिड कैफे लॉज, राजपुर रोड पर हुई। आरोप है कि UKD कार्यकर्ता बिना अनुमति के नारेबाजी करते हुए रेस्टोरेंट में घुस गए और वहां मौजूद स्टाफ से जबरन एक लाख सात हजार रुपये वसूले। कहा जा रहा है कि यह रकम छह कर्मचारियों की सैलरी और सर्विस चार्ज के नाम पर ली गई।
स्टाफ को धमकी और ब्लैकमेलिंग का आरोप
पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने रेस्टोरेंट की छवि खराब करने की धमकी दी और कहा कि अगर उन्हें 70-80 हजार रुपये और नहीं मिले तो वे प्रतिष्ठान की झूठी वीडियो वायरल कर देंगे, जिससे उनकी साख खराब होगी और ग्राहक आना बंद कर देंगे। आरोपियों ने रेस्टोरेंट बंद कराने की धमकी भी दी और कर्मचारियों को उकसाने के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
रेस्टोरेंट मालिक और स्टाफ को दी जान से मारने की धमकी
जाते-जाते आरोपियों ने रेस्टोरेंट के मैनेजर प्रकाश जोशी, दीपक शर्मा, शेफ हरीश कुमार भोला, मालिक राम शर्मा और ईशान शर्मा को धमकाया कि अगर उन्होंने उनकी बात नहीं मानी तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
मुख्य आरोपी कौन?
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि इस घटना में महेश नेगी, अक्षय कोठारी, प्रकाश चौहान, जितेंद्र, संदीप रावत (पूर्व स्टाफ सदस्य), आशीष नेगी, आशुतोष भंडारी, वीरेंद्र सिंह बिष्ट और शांति प्रसाद शामिल थे। इन सभी ने UKD लिखी हुई टोपी पहन रखी थी।
पुलिस जांच में जुटी
राजपुर थाना पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें अब भी खतरा महसूस हो रहा है और वे कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद शहर के रेस्टोरेंट और होटल मालिकों में भय का माहौल बन गया है। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं उनके कारोबार के लिए घातक साबित हो सकती हैं। पुलिस प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
उत्तराखंड क्रांति दल ने होटल मालिकों पर श्रम कानूनों, फायर सेफ्टी और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए श्रम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत की मांग की। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी।