चमोली, 21 मार्च 2025: जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए चमोली पुलिस द्वारा सत्यापन प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ताजा मामले में थाना थराली क्षेत्र में तीन ठेकेदारों द्वारा अपने श्रमिकों का पुलिस सत्यापन नहीं कराने पर प्रत्येक पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
पुलिस की कार्रवाई
चमोली के पुलिस अधीक्षक श्री सर्वेश पंवार के निर्देशानुसार जिलेभर में श्रमिकों, किरायेदारों, फड़-फेरी वालों और बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान थाना थराली क्षेत्र में तीन ठेकेदारों को सत्यापन प्रक्रिया का पालन न करने का दोषी पाया गया। पुलिस ने राजेंद्र सिंह (निवासी हाट, थाना गंगोलीहाट, पिथौरागढ़), राजेंद्र सिंह भंडारी (निवासी लिंगाड़ी, थाना थराली, चमोली) और प्रीतम सिंह रावत (निवासी थराली) के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए प्रत्येक पर 10,000 रुपये का चालान जारी किया।
क्यों जरूरी है सत्यापन?
चमोली पुलिस के अनुसार, श्रमिकों और बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन न होना सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। सत्यापन की प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसी भी संदिग्ध या आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति को बिना जांच-परख के काम या निवास की अनुमति न दी जाए।
जनता से अपील
चमोली पुलिस ने आम नागरिकों, ठेकेदारों, व्यापारियों और मकान मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना पुलिस सत्यापन के किरायेदार या श्रमिक के रूप में न रखें। यह न केवल कानून का पालन करने की जिम्मेदारी है, बल्कि स्थानीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है।
सख्ती जारी रहेगी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित अपराध को रोकने के लिए यह अभियान लगातार चलाया जाएगा।